
दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया। धमाके में शामली (UP) का रहने वाला अमन गंभीर रूप से घायल हो गया—और उसका परिवार सदमे में है। घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है: “हाई सिक्योरिटी ज़ोन भी अब सुरक्षित नहीं?”
यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय भी यह सवाल अपने साथ लेकर सीधे कैराना पहुंचे।
अजय राय की एंट्री: सीधे परिवार के घर पहुंचे, हालचाल जाना
कैराना के मोहल्ला बेगमपुरा में पहुंचकर अजय राय ने अमन के परिवार से मुलाकात की। परिवार की हालत देखकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुश्किल में परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
राजनीति का ये वो वाला दौरा नहीं था, जहां फोटो खिंचवाकर निकल लिया जाए—यहां दर्द साफ दिख रहा था।
सरकार पर ताबड़तोड़ अटैक: “ये लापरवाही नहीं, सुपर लापरवाही है!”
अजय राय ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि— “ऐसी घटनाएं सुरक्षा में महाचूक का नतीजा हैं। लाल किले जैसे क्षेत्र में धमाका… यह सोचने पर मजबूर करता है।”
उन्होंने सरकार से मांगे, मृतकों को ₹1 करोड़ मुआवजा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी घायलों को ₹25 लाख सहायता और कहा कि—“अब सिर्फ सांत्वना नहीं, ठोस कदम चाहिए।”

अमन के इलाज का भरोसा—“Congress will stand shoulder to shoulder”
अजय राय ने अमन के इलाज और भविष्य को लेकर हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस लगातार पीड़ित परिवारों की आवाज उठाती रही है।
स्थानीय लोगों की राय: “राजनीति बाद में, मदद पहले!”
इस दौरे के बाद स्थानीय लोगों ने एक बात कही— “पार्टी कोई भी हो… इस वक्त सबको एकजुट होकर पीड़ित परिवारों को राहत दिलानी चाहिए।”
सही भी है—धमाका राजनीति नहीं देखता, लेकिन राजनीति कभी-कभी धमाकों को जरूर देखती है।
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